Road to YPP — type your Studio numbers
580 subs to go
2,650 hours to go
You need 1,000 subscribers plus either 4,000 long-form watch hours or 10 million Shorts views. Then YouTube reviews the channel by hand.
YPP क्या है
YouTube Partner Program वो समझौता है जिससे YouTube आपके साथ कमाई बाँटता है। YPP में आने पर ये विकल्प खुलते हैं:
- लंबे वीडियो पर ऐड्स — नेट ऐड रेवेन्यू का 55% आपको।
- Shorts फीड ऐड्स — पूल से, आपके हिस्से का 45%।
- चैनल मेंबरशिप — मासिक फैन सब्सक्रिप्शन।
- Super Chat, Super Stickers, Super Thanks — दर्शकों की टिप।
- YouTube Shopping — प्रोडक्ट टैग करना।
- YouTube Premium रेवेन्यू — Premium मेंबर्स के देखने पर हिस्सा।
स्टेप 1: योग्य बनें
1,000 सब्सक्राइबर और 4,000 वैलिड घंटे (365 दिन) या 10M Shorts व्यूज़ (90 दिन)। पूरी लिस्ट शर्तों वाले पेज पर है।
स्टेप 2: Studio में अप्लाई करें
- YouTube Studio → Earn खोलें।
- Apply दबाएँ और शर्तें स्वीकार करें।
- AdSense जोड़ें — PAN और बैंक वाले नाम से।
- रिव्यू का इंतज़ार करें — हफ्तों तक "In review" दिखना सामान्य है।
स्टेप 3: रिव्यू
YouTube टीम का व्यक्ति चैनल का मुख्य विषय, सबसे लोकप्रिय और सबसे नए वीडियो देखता है और पॉलिसी से मिलान करता है। भारत में सबसे आम रिजेक्शन "reused content" है। कारण और सुधार रिजेक्शन पेज पर हैं।
स्टेप 4: कमाई के फीचर चालू करें
मंज़ूरी के बाद Earn में ऐड्स, Shorts, मेंबरशिप वगैरह चालू करें। 8 मिनट से लंबे वीडियो पर मिड-रोल ऐड्स लगा सकते हैं। पुराने वीडियो में कॉपीराइट म्यूज़िक हो तो कमाई राइट्स होल्डर के साथ बँटेगी।
स्टेप 5: AdSense और भुगतान
- PIN — $10 पर Google घर के पते पर PIN भेजता है; India Post से 2–4 हफ्ते लग सकते हैं।
- टैक्स फॉर्म — AdSense में US टैक्स जानकारी भरें।
- बैंक अकाउंट — IFSC के साथ जोड़ें।
- $100 थ्रेशोल्ड — पार होने पर अगले महीने भुगतान।
भारतीय चैनल कितना कमाते हैं
| निश | भारतीय ऑडियंस पर RPM (लगभग) |
|---|---|
| फाइनेंस, शेयर बाज़ार | ₹40–₹150 |
| टेक, गैजेट | ₹25–₹80 |
| शिक्षा | ₹15–₹50 |
| व्लॉग, एंटरटेनमेंट | ₹8–₹30 |
| Shorts | ₹1–₹10 |
ये सिर्फ रेंज हैं। अपना अनुमान कमाई कैलकुलेटर में देखें।
YPP में बने रहना
नियमित अपलोड करें, स्ट्राइक से बचें, और मोनेटाइज़्ड वीडियो पर खरीदा ट्रैफ़िक न भेजें — invalid ट्रैफ़िक से कमाई वापस ली जा सकती है।
मौसम का असर
भारत में RPM अक्टूबर से दिसंबर तक बढ़ता है, जब त्योहारों और साल के अंत में ब्रांड ज़्यादा विज्ञापन करते हैं, और जनवरी में तेज़ी से गिरता है। इसलिए किसी एक महीने की कमाई से चैनल की कमाई का अंदाज़ा न लगाएँ — कम से कम छह महीने का औसत देखें।